आंध्रप्रदेश-तिरुपति बालाजी प्रसाद में गौमांस की जानकारी पर कार्यवाही के लिए गृह मंत्री को लिखा पत्र।

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लोकतंत्र टाइम्स, आंध्रप्रदेश के तिरुपति मंदिर में भक्तों को प्रसाद के रूप में दिए जाने लड्डू में पशु वसा, गौमांस,चर्बी और मछली का तेल मिलने की जानकारी प्राप्त होने पर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने लड्डू बनाने वाली कंपनी की जांच कर उचित कानूनी कार्यवाही करने के लिए माननीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर जानकारी में अवगत करवाया।

तिरुपति बालाजी मंदिर में एक बहुत ही घृणित, अक्षम्य, दुःखद और चौकाने वाली बात सामने आई हैं…जो हम सपने में भी सोच नहीं सकते।एक प्रयोगशाला रिपोर्ट ने पुष्टि की कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में भक्तों को प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले लड्डुओं में पशु वसा – गोमांस, चरबी और मछली का तेल शामिल हैं।

अयोध्या राम मंदिर उद्घाटन के दौरान, राम लला को चढ़ाने के लिए भी तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम द्वारा 1 लाख लड्डू भेजे गए थे, और वहां मौजूद प्रत्येक अतिथि और साधुओं को ये तिरुपति से आये लड्डू दिए गए थे इतने भक्त, सनातनी, साधु, संत जिन्होंने कभी प्याज और लहसुन भी नहीं खाया, उन्हें गोमांस, सुअर, मछली के तेल से भरे लड्डू खिलाए गए। जो कि एक जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है प्रसाद में उपयोग होने वाले घी की जांच रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें मछली के तेल और जानवरों की चर्बी मिलाने के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है.

ये मामला सीधे तौर पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसादम लड्डू में सोयाबीन, सूरजमुखी, जैतून, रेपसीड, अलसी, गेहूं के बीज, मक्का के बीज, कपास के बीज, मछली का तेल, नारियल और पाम कर्नेल वसा, पाम तेल और बीफ टेलो (गौमांस की चर्बी), लार्ड शामिल है. 

इस पूरे मामले के मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय सचिव शिवम तिवारी उज्जैन जिला अध्यक्ष मुकेश विश्वकर्मा राष्ट्रीय सदस्य मनीष गुप्ता प्रदेश को ऑर्डिनेटर सुनील सेठिया (भारत प्रिंटिंग प्रेस),उज्जैन जिला सदस्य मनोज सांवरिया,नागदा तहसील अध्यक्ष जीवनलाल जैन एवं अन्य पदाधिकारियों ने ने भी गृह मंत्री एवं भारत सरकार से निवेदन किया है कि करोड़ भक्तों की आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के पदाधिकारियों और तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लिए मिलावटी मांसाहारी घी की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 152, 192, 196, 298 और 353 के तहत एफआईआर दर्ज करने एवं राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाई जाए।

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