
लोकतंत्र टाईम्स,मध्यप्रदेश में अब किरायेदार और मकान मालिक के लिए नये नियम एक्ट लाया जा रहा है नये नियम एक्ट लाने की वजह मकान मालिक और किरायेदार में विवाद बढ़ना और विवाद का मामला न्यायालय तक पहुंच जाना है।किरायेदार और मकान मालिक के विवाद के मामले सभी जगह आए दिन सुनने को मिलते हैं। ऐसे मामलों की बढ़ोतरी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे मामलों के मध्य नजर रखते हुए इन विवादित मामलों से निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार बहुत जल्दी किरायेदार एक्ट लागू करने वाली है। इसका ड्राफ्ट नगरीय विकास और आवासीय विभाग दोनों के द्वारा संपूर्ण तैयार करना बताया जा रहा है। जिससे मकान मालिक और किरायेदार के बढ़ते विवादों से निजाद मिलेगी।
बताया जा रहा है कि मकान मालिक और किरायेदार के लिए बनाए गए नये नियम एक्ट को केबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद 16 दिसंबर में शीतकालीन विधानसभा सत्र प्रस्ताव के लिए रखा जा सकता है। और इस नये नियम एक्ट को सरकार द्वारा लागू करने के बाद बहुत सारे नियम किरायेदार और मकान मालिक के बीच बदल जाएंगे फिलहाल मध्यप्रदेश में किरायेदार एक्ट 2010 लागू है पर अब नए नियम एक्ट में 14 साल बाद बड़ते मामलों को देख बदलाव किया गया है।

किरायेदार के लिए यह बनाए नये नियम एक्ट –:
1.) मकान मालिक और किरायेदार के बीच हुए एग्रीमेंट के पूर्णतः समाप्त होने के बाद अगर किरायेदार द्वारा मकान खाली नहीं किया जाता है तो किरायेदार को पहले दो महीने में दोगुना और तीसरे महीने में चार गुना किराया देना पड़ेगा।
2.) किरायेदार द्वारा किराए पर लिए गए मकान पर कब्जा नहीं कर सकेगा।
3.) उद्यान,नाली की सफाई,शौचालय,घरेलू उपकरण, खिड़की, दरवाजे, अलमारी,पानी के नल,टंकी,गीजर आदि घरेलू उपकरण का रख रखाव अब किरायेदार को रखना पड़ेगा।
4.) अब किरायेदार को किराया राशि मकान मालिक को 2 महीने का एडवांस देना होगा।
5.) व्यापार के लिए ली गई किराए की जगह की किराया राशि 6 महीने की मकान मालिक को एडवांस देना पड़ेगी।
6.) किरायेदार एक ही मकान में दूसरा किरायेदार नहीं रख सकेगा कोई भीं समझौता नहीं किया जाएगा।
नए नियम एक्ट केंद्र सरकार,राज्य सरकार,स्थानीय प्राधिकरण,सरकारी उपक्रम,कानूननिकाय,कंपनी,विश्वविद्यालय, संगठन, धार्मिक या ट्रस्ट, के मालिकाना प्रॉपर्टी पर व सरकार द्वारा दिए गए लोकहित में छूट वाले भवन पर लागू नहीं हो सकेंगे।
मकान मालिक के लिए यह बनाए नये नियम एक्ट–
1.) नल कनेक्शन,गैस पाइप ,लिफ्ट, सीढ़ियां,पार्किंग, स्वच्छता,बिजली, अन्य घरेलू आवश्यक सुविधाएं मकान मालिक बंद नहीं कर सकेंगे।
2.) मकान मालिक को किराया अनुबंध खत्म होने से पहले प्रॉपर्टी खाली कराने के लिए नियुक्त अधिकारी से अपील करना होगा।
3.) अगर मकान मालिक और किरायेदार के बीच हुए अनुबंध को बढ़ाना हे तो 1 महीने पहले नियुक्त अधिकारी को एप्लिकेशन देना होगी।
4.) किरायेदार द्वारा मकान खाली करने पर मकान मालिक द्वारा जो डिपॉजिट राशि ली गई उस राशि को उस ही वक्त वापस देना होगी।

यह नियम मकान मालिक और किरायेदार दोनों के लिए समान–
1.) अब से दोनों के बीच अनुबंध कानूनी दायरे में होगा।
2.) जो भी अनुबंध होगा उस अनुबंध की कॉपी मकान मालिक और किरायेदार दोनों के पास रहेगी।
3.) सामान्य मकान में टूटफूट की मरम्मत के लिए मकान मालिक और किरायेदार दोनों जिम्मेदार होगे।
4.) अब से मकान मालिक और किरायेदार दोनों को मिलकर टूट फूट की मरम्मत करानी होगी और दोनों को बराबर राशि देनी होगी।
पुराने नियम एक्ट और नए नियम एक्ट में बहुत बदलाव किए गए हैं अब से मकान मालिक और किरायेदार का विवाद सिविल न्यायालय में नहीं पेश होगा नए नियम में किराया ट्रिब्यूनल के गठन का प्रस्ताव रखा गया है सारे विवाद यही किराया ट्रिब्यूनल कोर्ट के ही निपटाए जाएंगे जिलों में डिप्टी कलेक्टर व किराया कोर्ट में जिला जज नियुक्त किए जाएंगे मकान मालिक और किरायेदार के बीच हुए किराया अनुबंध की जानकारी 60 दिनों के भीतर नियुक्त अधिकारी को देना होगी किराया बढ़ाना अब दोनों मकान मालिक और किरायेदार दोनों के समझौते से ही हो सकेगा नए एक्ट के लागू होने पर पुराने विवाद वाले केस पुराने नियम के अनुसार ही चलते रहेंगे। एजेंट इन नियम एक्ट से बचे रहेंगे।
