
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लोकतंत्र टाईम्स (मध्य प्रदेश): के मुरैना में बुधवार को एक जालसाज को दूसरे अभ्यर्थी की जगह पुलिस भर्ती परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। उसे अभ्यर्थी दुर्गेश जाटव के लिए फिजिकल टेस्ट देने के लिए 3.5 लाख रुपये दिए गए थे।
हालांकि, एडमिट कार्ड की तस्वीर और अभ्यर्थी की शक्ल में अंतर के कारण संदेह पैदा हुआ, जिसके बाद टीम ने उससे पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि वह असली अभ्यर्थी का रूप धारण कर रहा था जिले के एसएएफ ग्राउंड में भर्ती प्रक्रिया चल रही थी।
जानकारी के अनुसार, घटना की सुबह, शारीरिक परीक्षण हमेशा की तरह सुबह 5:00 बजे शुरू हुआ। अभ्यर्थियों में एक व्यक्ति भी शामिल था, जिसे कथित तौर पर चिनोना चंबल थाना क्षेत्र के दुर्गेश जाटव की ओर से शारीरिक परीक्षण में बैठने के लिए ₹3.5 लाख का भुगतान किया गया था। उत्तर प्रदेश के रिंकू जाटव नामक इस व्यक्ति को दस्तावेज सत्यापन के दौरान पकड़ा गया, जब एडमिट कार्ड पर लगी फोटो उसके हुलिए से मेल नहीं खा रही थी।
पूछताछ के दौरान रिंकू ने अपनी पहचान और गांव के बारे में बताने में आनाकानी की, जिससे संदेह और बढ़ गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि उसे परीक्षा देने के लिए 3.5 लाख रुपये में बुलाया गया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि आगे की पूछताछ में इस तरह की धोखाधड़ी की गतिविधियों में शामिल एक बड़े नेटवर्क का पता चल सकता है।
पिछले एक महीने से एसएएफ की 5वीं बटालियन के मैदान में पुलिस भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षण चल रहा है। सुचारू और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन में एक डीआईजी, एक पुलिस अधीक्षक, दो अतिरिक्त एसपी और एक बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है।
पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि भर्ती प्रक्रिया पुलिस मुख्यालय की निगरानी में चल रही है और अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
