उज्जैन : महाॅकाल श्रावण मास की अंतिम सवारी आज।

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उज्जैन महाॅकाल पांच स्वरूपों में देंगे अपने भक्तों को दर्शन।

लोकतंत्र टाइम्स, उज्जैन महाॅकाल प्रभु की श्रावण मास के अंतिम सोमवार को महाॅकाल प्रभु की श्रावण मास की अंतिम सवारी आज रक्षाबंधन के शुभ त्यौहार पर निकाली जाएगी जिसमें उज्जैन राजाधिराज महांकालेश्वर अपने भक्तों को पाँच स्वरुपों में दर्शन देने के लिए उज्जैन भ्रमण पर निकलेंगे उज्जैन महाॅकाल मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड ने बताया की उज्जैन नगरी के राजाधिराज महाॅकाल भगवान की पंचम सवारी आज सोमवार को निकलेगी।अंतिम महाॅकाल सवारी में राजाधिराज महाॅकाल पालकी में चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा-महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद सम्मिलित रहेगा।

महाॅकाल भगवान की सवारी निकलने के पूर्व महाॅकाल मंदिर के सभागृह में भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर का विधिवत पूजा-अर्चना होगी। उसके बाद भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर पालकी में विराजित होकर उज्जैन नगर भ्रमण भक्तों का हाल जानने निकलेंगे। महाॅकाल मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा राजाधिराज महाॅकाल भगवान को सलामी दी जावेगी।

उसके बाद महाॅकाल सवारी उज्जैन के विभिन्न मार्गों महाकाल चौराहा,गुदरी चौराहा,बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। रामघाट पर क्षिप्रा नदी के पवित्र जल से राजाधिराज का अभिषेक और पूजा-अर्चना होगी।पूजा-अर्चना और अभिषेक के पश्चात महाॅकाल सवारी रामघाट से रामानुजकोट,मोढ धर्मशाला,कार्तिक चौक खाती का मंदिर,सत्यनारायण मंदिर,ढाबा रोड,टंकी चौराहा,छत्री चौक,गोपाल मंदिर,पाटनी बाजार,गुदरी बाजार से होती हुई वापस महाॅकाल मंदिर पर पहुंचेगी।

महाॅकाल सवारी के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की गयीं है कि, महाॅकाल सवारी मार्ग में सड़क की ओर व्यापारी भट्टी चालू न रखें और न ही तेल का कढाव रखें। दर्शन वाले भक्त सवारी में उल्टी दिशा में न चलें और सवारी निकलने तक अपने स्थान पर ही खड़े रहें। भक्तों व दर्शनीय द्वारा गलियों में अपने वाहन न रखें। भक्तजन सवारी के दौरान सिक्के,नारियल,केले,फल,पुष्पामाला आदि न फैंकें।

श्री महाॅकाल मन्दिर प्रबंध समिति उज्जैन द्वारा चलित रथ की व्यवस्था की गई है। जिसमें श्रद्धालुओ को भगवान महांकालेश्वर की सवारी के दर्शन लाभ ले सकेंगे । चलित रथ के दोनों ओर एलईडी के माध्यम से सवारी का लाईव प्रसारण भी किया जाएगा। जिससे श्रद्धालुओं व बुजुर्ग भक्तों को भगवान महाॅकाल सवारी के दर्शन लाभ ले सकेंगे।

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