बारह साल की नाबालिक युवती की गुमशुदगी की FIR को 19 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा नाबालिक को नहीं खोज पायी।

रतलाम,लोकतंत्र टाइम्स, रतलाम जिला स्थित शिवगढ़ थाना पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते 12 साल की नाबालिक की गुमशुदगी को पूरा 19 दिन बीत जाने के बाद भी शिवगढ़ पुलिस की नींद नहीं उड़ी शिवगढ़ पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली व सुस्त रवैये के चलते नाबालिक को अभी तक नहीं ढूंढ पाई।
नाबालिक बालिका की गुमशुदगी को लेकर परिजनों द्वारा बताया गया की 30 जून 2024 को मेरी बालिका अपनी बहन के साथ हनुमान जी का मंदिर मगरे पर लकड़ियां लेने गयी थी शाम को नाबालिक गुमशुदा की बहन घर आयी तो पूछा की गुमशुदा नाबालिक कहा है, तो गुमशुदा की बहन द्वारा परिजनों को बताया की ग्राम दर्जनपाङा का बबलू वसुनिया जो कि अपने मामा के यहां आया हुआ था और बबलू के साथ चली गयी फिर परिजनों द्वारा नाबालिक को आसपास के क्षेत्रों मे ढूढ़ने का प्रयास किया गया पर नाबालिक के नहीं मिलने पर परिजनों द्वारा थाना शिवगढ़ पर पहुंच एफ.आई.आर करायी गयी थी पर 19 दिन बीत जाने के बाद भी शिवगढ़ पुलिस द्वारा नाबालिक बालिका को अभी तक नहीं खोजा गया।
परिजनों से लोकतंत्र टाइम्स बात की तो उनके द्वारा बताया गया की एफआईआर को 19 दिन बीत जाने के बाद भी नाबालिक को नहीं खोजा गया व उल्टा जब भी में शिवगढ़ थाने पर गया तो मुझको कोई संतोषपूर्वक जवाब नहीं दिया जाता है, और भगा दिया जाता है व पुलिस द्वारा मुझको समझोते का दबाव बनाया जाता है। जिस तरह से पुलिस द्वारा मेरे साथ जो व्यवहार किया जाता है उसको देखकर मुझको लगता है की कहीं ना कहीं जानबूझकर मेरी नाबालिक गुमशुदा बालिका को सामने नहीं लाया जा रहा है। परिजनों द्वारा यह भी बताया गया की बबलू वसुनिया के मामा संतोष गहलोत द्वारा परिजनों को धमकाया भी जा रहा है और बोला जा रहा है की नाबालिक अब तेरे घर नहीं आएगी और रुपये लेकर समझोता कर ले।
रिपब्लिक सेना व अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण परिषद से लगायी गुहार,
शिवगढ़ पुलिस द्वारा नाबालिक गुमशुदगी की को गंभीरता से ना लेने के कारण परिजनों ने रिपब्लिक सेना व अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण परिषद नाबालिक गुमशुदगी को लेकर परिजनों ने गुहार लगायी व गुमशुदा नाबालिक को घर वापस लाने के लिए निवेदन किया गया।
