
लोकतंत्र टाइम्स,रतलाम-दिनांक ०८/०९/२०२४ रविवार प्रधानमंत्री कालेज ऑफ़ एक्सेलिएंस (शासकीय कला एवं विज्ञानं महाविद्यालय) रतलाम में जन अभियान परिषद् द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम सी एम् सी एल डी पि की कक्षाओ में *पि एल वि अंशुमन सोनी, प्रदीप बिडवाल, प्रिया पाटिल* द्वारा इ कोर्ट सेवा मोबाइल एप एवं आगामी नॅशनल लोक अदालत की जानकरी देते हुए बताया की यह न्यायपालिका के सदस्यों, अधिवक्ताओं, वादकारियों, पुलिस, सरकारी अभिकरणों और अन्य हितधारियों के लिए एक उपयोगी साधन है।
यह सी.एन.आर.जिला या तालुका न्यायालय में दायर किए गए प्रत्येक वाद को दी गयी एक विशिष्ट संख्या, पक्षकारों का नाम, अधिवक्ता का नाम, एफ.आई.आर. संख्या, वाद प्रकार या सुसंगत अधिनियम जैसे विभिन्न मापदण्ड़ों में न्यायालय प्रणाली में लंबित मामलों से संबंधित आंकड़ों को पुनः प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है। एप्लिकेशन को क्यूआर कोड फीचर के साथ अपडेट किया गया है। एक उपयोगकर्ता को बस क्यूआर कोड स्कैन करके एक मोबाइल फोन पर केस विवरण मिल सकता है।

ई–कोर्ट वेबसाइट और ई–कोर्ट सेवा मोबाइल एप्लिकेशन से क्यूआर कोड प्राप्त किया जा सकता है। इसमें ‘वाद का इतिहास‘ भी शामिल है जो किसी विशेष मामले में उसकी पहली सुनवाई के समय से लेकर उसकी वर्तमान स्थिति तक पारित आदेशों और सभी घटनाओं को देखने में सक्षम बनाता है। वादों में पारित निर्णयों और आदेशों को देखने के लिए अपील में ही लिंक प्रदान किए जाते हैं। डेट केस–लिस्ट फीचर अधिवक्ताओं के लिए वाद सूचियों के सृजन को सुकर बनाता है।यह भी बतया की नेशनल लोक अदालत को जन अदालत भी कहा जाता है. यह एक ऐसा मंच है जहां अदालत में लंबित मामलों या विवादों को आपसी सुलह या बातचीत के ज़रिए निपटाया जाता है।
लोक अदालत का मकसद न्यायालय के बाहर विवादों का सुझाव देना होता है । आगामी १४ सितम्बर २०२४ को इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन किया जायेगा उक्त कार्यक्रम में समाज सेवी योगेश पाटिल , निखिल शर्मा , माहि शर्मा , ममता वर्मा , ज्योति पडियार एवं सी एम् सी एल डी पि के परामर्शदाता एवं विद्यार्थी उपस्ति थे ।
