आक्रोशित हिन्दुओं द्वारा पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण करवाई,लाठीचार्ज,व मृतक प्रकाश मईडा को न्याय दिलाने की माँग को लेकर सौपा ज्ञापन।

लोकतंत्र टाइम्स,रतलाम मोचीपूरा में गणेश चतुर्थी की रात गणेश प्रतिमा पर हुए पथराव की घटना पर विरोध दर्ज कराने और करवाई की माँग को लेकर गए हिन्दू समाज के लोगों पर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज व कानूनी कार्यवाही के विरोध में आक्रोशित सर्व हिन्दू समाज द्वारा निकाली गई ज्ञापन रैली में हजारों की संख्या हिन्दू समाज के लोग शामिल हुए।आक्रोशित सर्व हिन्दू समाज की ज्ञापन रैली में महिला,अभिभाषक,संत समाज,बुजुर्ग समेत सभी वर्ग के हिन्दू समाज के लोगों ने मौन ज्ञापन रैली के रुप में जिलाधीश कार्यालय पंहुचकर रतलाम पुलिस अधीक्षक, अतरिक्त पुलिस अधीक्षक समेत सात पुलिस अधिकारियों व एक पटवारी की नामजद शिकायत कर सभी के विरुद्ध जांच कर कडी कार्यवाही करने की मांग की है।

हिन्दू समाज के आक्रोश रैली दोपहर लगभग 3.45 बजे कालिका माता मन्दिर परिसर से प्रारंभ हुई। ज्ञापन रैली में शामिल समाजजन अपने हाथों में पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण करवाई के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। कई लोगों ने पुलिस मारपीट में मृत युवक प्रकाश उर्फ राजू मईडा के फोटो वाली तख्तियां भी हाथों में उठाई हुई थी।आक्रोश हिन्दू रैली मौन रैली थी,कलेक्टर कार्यालय पंहुचने के बाद आक्रोशित हिन्दू लोगों का गुस्सा फुट गया और आक्रोशित हिन्दू समाज के लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी प्रारंभ कर दी। ज्ञापन रैली के कलेक्टोरेट परिसर में पंहुचने के बाद पूरा कलेक्टोरेट कार्यालय का पूरा प्रांगण लोगों से भर गया। आक्रोशित लोगों को शांत करने में आयोजकों को काफी मेहनत करना पडी। नारेबाजी समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन का वाचन किया गया। कलेक्टर राजेश बाथम को ज्ञापन सौपा।

आक्रोश हिन्दू रैली में शामिल-
आक्रोशित हिन्दू समाज की मोन ज्ञापन रैली में प्रदीप उपाध्याय, निर्मल कटारिया,शैलेन्द्र डागा,मनीषा शर्मा,आरएसएस के वीरेन्द्र वाफगांवकर,समाजसेवी गोविन्द काकानी,युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष विप्लव जैन,अधिवक्ता परिषद के एडवोकेट सतीश त्रिपाठी भाजपा नेता अशोक जैन लाला,मनोहर पोरवाल,पार्षद भगत भदौरिया,परमानन्द यौगी अशोक चौटाला, प्रवीण सोनी सुनील सारस्वत समेत अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधि समाजों के प्रतिनिधि और विभिन्न वर्गों के लोग शामिल थे।
इनके खिलाफ नामजद शिकायत-
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में एसएसपी राहूल लोढा,एएसपी राकेश खाखा,स्टेशन रोड टीआई दिनेश भोजक,सायबर सेल के एसआई अमित शर्मा,प्रधान आरक्षक अजय शर्मा,महेन्द्र पथरोड,आरक्षक मनीष यादव और शहर पटवारी तेजवीर चौधरी के नाम उल्लेखित किए गए है। ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त सभी लोग और इनके अधीनस्थ कई अन्य पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों ने मारपीट कर अभद्र व्यवहार किया। यहां तक कि महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई।
विडीयो फुटेज और दस्तावेज दिए-
आक्रोश रैली लेकर आए हिन्दू नेताओं ने कलेक्टर राजेश बाथम को पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई बर्बर मारपीट के सबूत,विडीयो फुटेज और दस्तावेज भी सौंपे। ज्ञापन में बताया गया है कि तमाम दोषी अधिकारियों के चेहरे विडीयो फुटेज में साफ दिखाई दे रहे हैैं। कलेक्टर से मिले मृत प्रकाश मईडा के परिजन ज्ञापन देने के बाद पुलिस मारपीट में मृत प्रकाश मईडा के परिजनों ने कलेक्टर राजेश बाथम से उनके चैम्बर में मुलाकात की। मृतक के परिजनों ने कलेक्टर को पुलिस द्वारा की गई बर्बरता की कहानी सुनाई। पुलिस की मारपीट में बुरी तरह घायल लखन रजवानिया और काजल किन्नर ने भी कलेक्टर राजश बाथम को उनके कक्ष में पूरा घटनाक्रम बताया कि उन पर किस तरह बर्बरता की गई।
घर तोड़ने की धमकी पुलिस द्वारा-
जनाक्रोश रैली में आए मृतक प्रकाश मईडा के भाई अमर ने मीडीयाकर्मियों को बताया कि पुलिसकर्मियों ने उसे उसका घर तोडने की धमकी दी थी,इसी डर से उसने ना तो अपने भाई का पोस्टमार्टम करवाया और ना ही किसी को यह बात बताई थी। अमर ने बताया कि पुलिस मारपीट में घायल हुए प्रकाश के शरीर के निचले हिस्से ने पूरी तरह काम करना बन्द कर दिया था। उसे जीवांश अस्पताल में भर्ती कराया था,लेकिन बाद में उसकी हालत बिगड गई और उसकी मौत हो गई। भाई की मौत के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे धमकाते हुए कहा था कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसका घर तोड दिया जाएगा। इसी डर के कारण उसके परिजनों ने मृत प्रकाश का बहुत जल्दी में अंतिम संस्कार कर दिया था।
