मामला कार्यालय जनपद शिक्षा केंद्र रतलाम में राजेश कुमार झाला सहायक परियोजना समन्वयक के साथ गवाही देने के बाद झूमा झटकी व मारपीट का।

लोकतंत्र टाइम्स, प्रारंभ दुबे,रतलाम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शृंगार श्रीवास्तव ने शासकीय प्राथमिक विद्यालय मोरवानी विकासखंड के प्राथमिक शिक्षक दिलीप राठौड़ तथा जन शिक्षक मूल पद उच्च श्रेणी शिक्षक रमेश चंद्र बोरिया को मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम के विरुद्ध कृत्य करने पर निलंबित कर दिया है।दोनों शिक्षकों द्वारा कार्यालय जनपद शिक्षा केंद्र रतलाम में राजेश कुमार झा सहायक परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र के साथ झूमा झटकी व मारपीट की गई।
मिली जानकारी के अनुसार रतलाम में जनशिक्षक रमेशचंद्र बोरिया व प्राथमिक विद्यालय मोरवानी शिक्षक दिलीप राठौड़ ने जनपद शिक्षा केन्द्र रतलाम कार्यालय में सहायक परियोजना समन्वयक राजेश कुमार झाला के साथ गवाही देने के बाद झूमा झटकी व मारपीट की गयी थी उपरोक्त घटनाक्रम जनपद शिक्षा केन्द्र कार्यालय रतलाम में किया गया था।
उपरोक्त घटनाक्रम होने के बाद राजेश कुमार झाला द्वारा सारी घटना के बाद जन शिक्षक रमेश बोरिया व प्राथमिक शिक्षक दिलीप राठौड़ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गयी उनके द्वारा बताया गया की बुधवार को जन शिक्षा केन्द्र में राजेश झाला अपना कार्य कर रहे थे तभी रमेश बोरिया द्वारा राजेश झाला को पास मौजूद बीआरसी के कमरे में बुलाया गया जहा पहले से दिलीप राठौड़ मौजूद था जेसे ही कमरे में दाखिल हुआ तो उनके द्वारा कमरे का दरवाजा बंद कर मेरे साथ गाली-गलौच व मारपीट की गयी जिसमें मेरा चश्मा टूट गया व शर्ट की जेब भी फट गयी और बोला गया की आगे नेता नगरी करोगे तो जान से खतम कर देगे। इस शिकायत पर थाना स्टेशन रोड रतलाम पुलिस ने धारा बीएनएस,127/2,296,115,351/2,3/5, के तहत केस दर्ज किया गया है।
5 माह पूर्व जनशिक्षक रमेश बोरिया का विवाद बीआरसी विवेक नागर व कर्मचारी गोपाल शर्मा से हुआ था जन शिक्षक रमेश बोरिया द्वारा दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था व बीआरसी विवेक नागर ने भी रमेश बोरिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया था जिसमें बीआरसी विवेक नागर व गोपाल शर्मा को जमानत निरस्त होने पर जैल भेज दिया गया था दो दिन बाद दोनों को जमानत मिली थी।
इसी पूरी मामले मे राजेश कुमार झाला द्वारा गवाही दी गई उसके बाद ही उनके साथ पूरा घटनाक्रम हुआ इस पूरे मामले की जानकारी डिपीसी को भी दी गयी और उन्हीं के साथ कलेक्टर कार्यालय भी गए थे।
