
लोकतंत्र टाइम्स,रतलाम सूचना का अधिकार कानून को निरस्त करने की भारतीय जनता पार्टी की हर कोशिश का सड़क से लेकर संसद तक हर स्तर पर जमकर विरोध किया जायेगा। मोदी सरकार इस कानून को निरस्त करना चाहती है।यह आरोप कांग्रेस सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र मंडवारिया ने लगाया ।
मंडावारिया ने कहा कि आज के ही दिन 12 अक्टूबर 2005 को केंद्र में तात्कालिक यूपीए सरकार ने देश को इस ऐतिहासिक कानून की सौगात दी, जिसका सपना भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देखा था ।
कांग्रेस सरकार ने 2013 तक पूरी ताकत से हर राज्य में सूचना का अधिकार लागू करवाकर आम जनता को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का एक बहुमूल्य हथियार दिया था। मोदी सरकार इस कानून को शिथिल कर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही हैं , और देश के लोकतंत्र को कमजोर करने का काम कर रही हैं ।
मंडवारिया ने आरोप लगाया कि केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार में कोई भी विभाग आरटीआई में चाही गई जानकारी उपलब्ध नहीं करवा रहे है । इस का प्रमाण है कि राज्य सूचना आयोग में 28000 आवेदन पिछले 10 साल से लंबित पड़े हैं ।
मंडवारिया ने कहा कि भाजपा के भ्रष्टाचार को बेनकाब करने के लिए कांग्रेस जिले में सूचना के अधिकार के लिये युवाओ को प्रशिक्षण देकर 100 एक्टिविस्टों को तैयार किया जाएगा।
