रतलाम–मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन के एक पुलिसकर्मी ने किया रतलाम पुलिस प्रशासन को शर्मसार।

लोकतंत्र टाइम्स,रतलाम, मध्यप्रदेश मे जहां एक और महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा कई प्रकार के सुरक्षा कार्यक्रम संचालित कर प्रदेश की महिलाओ को माता–बहनों व बच्चियों को भांजी–भतीजी का सम्मानित दर्जा देकर पुलिस प्रशासन को सख्त आदेश देते हुए महिलाओ के साथ हो रहे अपराधो को जड़ से खत्म करने व प्रदेश को महिला अपराध मुक्त प्रदेश मे अव्वल बनाने के लिए जोर जोर से बोलकर बड़े मंच से बड़े बड़े वादे किए गए हैं। वहीं दूसरी और मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी हे कि पुलिस प्रशासन इन आदेशों का पालन करें और सुरक्षा कार्यक्रम संचालित कर प्रदेश भर मे महिला अपराधो पे अंकुश लगाएं।
लेकिन बड़े शर्म की बात हे कि मध्य प्रदेश स्थित रतलाम पुलिस प्रशासन मे कार्यरत थाना औघोगिक क्षैत्र के पुलिस आरक्षक ने मुख्यमंत्री के आदेशों को ताक पर रख आरक्षक द्वारा रतलाम पुलिस की छवि को शर्मसार कर दिया।
यह पूरा घटनाक्रम-
21 वर्षिय युवती द्वारा लोकतंत्र टाइम्स को बताया गया की जब पीड़िता युवती अपने कार्य स्थल से घर की ओर जा रही थी तो युवती राम मंदिर तक पहुंची जहां पहले से आरक्षक युवती के इंतजार में खड़ा हुआ था इसके पहले भी आरक्षक द्वारा लगातार कई दिनों से पीड़िता युवती का पीछा कर रहा था पर डर के कारण अपने घर वालों को नहीं बताया था जब युवती राम मंदिर पहुंची तो वहां से उसका पीछा करना चालू किया युवती साक्षी पेट्रोल पंप अल्कापूरी पर पेट्रोल भराने रुकी तो आरक्षक पेट्रोल पंप पर भी पहुंच गया और पेट्रोल भर रही महिला को छेड़ते हुए आरक्षक द्वारा कमेन्ट पास की गयी कि थोड़ा हस भी लिया करो उसके बाद जब पेट्रोल भर रही महिला को उसके द्वारा चिल्लाया गया तो वह आगे जाकर रुक गया उसके बाद पीड़िता महिला जब पेट्रोल भराकर सब्जी लेने रुकी तो आरक्षक भी वहीं उसके पास में सब्जी लेने लग गया फिर महिला जब 80 फिट रोड होते हुए अपने घर की ओर आगे बड़ी तो 80 फिट रोड पर अंधेरा हो रहा था तो वहां आरक्षक ने पीड़िता युवती को रोकने की कोशिश की गयी पर युवती द्वारा अपने वाहन की स्पीड बढ़ाते हुए घर की ओर आगे बड़ी तो आरक्षक द्वारा पीड़िता युवती के घर तक पहुंच गया उसके बाद जब पीड़िता युवती ज्यादा डर गयी तो अपने भाई को पूरा घटनाक्रम बताया गया तब युवती के भाई ने घर के बाहर आकर देखा तो आरक्षक वहीं खड़ा होकर सिगरेट पीने लगा तब युवती के भाई ने उसको आवाज देकर बोला गया तो आरक्षक द्वारा अपनी गाड़ी वहीं छोड़ वहा से भागने लगा और किसी और की गाड़ी पर बैठकर नशे में ही औद्योगिक थाने पहुंच गया और रूम में जाकर बैठ गया तब युवती के भाई द्वारा युवती को व आरक्षक की छोड़ी हुए वाहन को लेकर औद्योगिक थाने में करवाई के लिए पहुचा तो आरक्षक पहले से वहॉं मौजूद था जब आरक्षक को वहॉं मौजूद पाया तब जाकर युवती और उसके भाई को पता चला की आरक्षक मध्यप्रदेश पुलिस सेवा में औद्योगिक थाने में ही कार्यरत है और आरक्षक का नाम दुर्गेश जाट उर्फ सोनू है।
औद्योगिक थाने में जब पीड़ित युवती व उसके भाई ने मौजूद दूसरे आरक्षक को आरक्षक के खिलाफ करवाई करने का कहा गया तो थाने पर भी आरक्षक द्वारा पीड़िता महिला को धमकाते हुए गंदी गंदी गालियां देने लगा तब मोजूदा आरक्षको द्वारा उसको पकड़ा गया।
पीड़िता युवती द्वारा यह भी बताया गया की युवती व उसके भाई को वहां मौजूद पुलिस कर्मियों द्वारा 7 बजे से रात 11.30 तक लगभग 5 घंटे तक परेशान कर बैठाया गया उसके बाद कहीं जाकर महिला थाना प्रभारी पार्वती गौर को फोन कर बुलाया गया और महिला थाना प्रभारी पार्वती गौर द्वारा तत्काल युवती का सारा घटनाक्रम सुनकर आरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी प्रकिया को आगे बढ़ाया गया।
थाना औद्योगिक क्षेत्र में एक पीड़िता युवती को लगभग 5 घंटे बैठाकर रखना व आरक्षक के खिलाफ एफआईआर ना करते हुए पीड़िता महिला के ऊपर सिर्फ आवेदन देने का दबाव बनाया गया इससे जाहिर होता है कि कहीं ना कहीं औद्योगिक थाना क्षेत्र के आरक्षक को कहीं ना कहीं बचाया जा रहा था और यह एक जांच का विषय भी बनता है और पुलिस आरक्षक पर रतलाम पुलिस प्रशासन द्वारा क्या करवाई की जाती है यह तो अब वक्त ही बतायेगा।
