रतलाम–शासकीय मेडिकल कॉलेज में बिगड़ी अव्यवस्था का बोल–बाला।

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जिम्मेदार अधिकारी बैठे आंख मूंदकर, कर रहे किसी अनहोनी का इंतजार…..?

लोकतंत्र टाईम्स, रतलाम शहर के मध्य बंजली बायपास स्थित शासकीय डॉ लक्ष्मी नारायण पांडेय मेडिकल कॉलेज में मरीजों को मिलने वाली व्यस्था पूरी तरह से अव्यवस्था में तब्दील होती नजर आ रही है और खास बात तो यह है कि जिम्मेदार अधिकारी आंखे मूंद कर बैठे दिखाई दे रहे है।

ऐसा ही अव्यवस्था का वाक्या इमरजेंसी वार्ड में लाए गए गंभीर मरीज के साथ होता दिखाई दिया जब मरीज को परिजनों द्वारा मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी वार्ड में लाया गया तब मौजूद डॉक्टर द्वारा मरीज को चेक कर ऑक्सीजन लगाने का नर्स को ना बोल वहां मौजूद वार्ड बॉय को ऑक्सीजन का बोला गया ओर ओर उस वार्ड बॉय द्वारा मरीज को पहले तो ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने में देरी की उसके बाद बिना सिलेंडर देखे ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया तो पता चला कि जो सिलेंडर लगाया गया वह भी खाली था उसके बाद कुछ देर बाद भरा ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया यहां तक ठीक था पर जब ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर जब मरीज को ICU में शिफ्ट किया गया तो पता चला कि ऑक्सीजन सिलेंडर को चालू ही नहीं किया गया ओर कुछ दूरी तक लेजाया गया जब परिजन ने देखा तो वार्ड बॉय को बोला तब ऑक्सीजन सिलेंडर चालू किया गया जिससे बात निकल कर यह सामने आती है कि वार्ड बॉय द्वारा अगर ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया जाता है तो नर्स और मौजूद डॉक्टर का क्या कार्य रहता है अगर किसी गंभीर मरीज के साथ कुछ भी हादसा होता है तो उसका जिम्मेदार किसको ठहराया जाएगा वार्ड बॉय,डॉक्टर,नर्स या जिम्मेदार अधिकारी को,,,,?

देखिए पूरे मामले का वीडियो।

2,) दूसरा वाक्या देखने को मिला जब मेडिकल कॉलेज में लैब का संचालन किया जाता है और जहां ब्लड का सैंपल देने के लिए काउंटर बनाया गया वहां जब मरीज के ब्लड का सैंपल जमा करवाने परिजन गए तो वहां काउंटर पर भी जिम्मेदार व्यक्ति करीब 30 मिनिट तक नदारत दिखे जब मरीज के परिजन ने मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाया गया तो दूर से देख रहे गार्ड ने तुरंत जाकर काउंटर के जिम्मेदार व्यक्ति को बोला तब कही जाकर काउंटर पर जिम्मेदार व्यक्ति वहां पहुंचे और परिजन से पूछने लगे के तुमने फोटो और वीडियो क्यों उतारे और बोले कुछ नहीं होगा फोटो और वीडियो उतारने से कोई हमारा क्या बिगाड़ेगा।

देखिए पूरा मामले का वीडियो।

3,) तीसरा वाक्या मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला जब वार्ड बॉय के नहीं मिलने पर परिजनों को खुद मरीजों को स्ट्रेचर ओर व्हील चेयर पर लेकर डॉक्टर को दिखाने जाना पड़ा और परिजनों से इसके पीछे का कारण पूछा गया तो परिजनों द्वारा बताया गया कि अंदर इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर द्वारा कहा गया कि आपको खुद को ही मरीजों को ले जाना पड़ेगा 15 मिनिट में डॉक्टर के ड्यूटी का समय खत्म हो जाएगा और डॉक्टर उठ जाएंगे तो परेशान परिजनों को मजबूरन खुद ही मरीजों को ले जाना पड़ा इधर से उधर लेकर जाना पड़ा और मरीजों व परिजनों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा ।

जब इस सारे घटनाक्रम के वीडियो लोकतंत्र टाईम्स न्यूज की टीम के पास परेशान मरीज के परिजनों द्वारा भेजे गए तब टीम द्वारा पड़ताल की गई तब एक मौजूद वार्ड बॉय द्वारा बताया गया सारी व्यवस्था की देख रेख और सुपरवायसर सभी छूटी पर है और यह भी कहा गया कि सर तो राउंड पर आते ही नहीं जब हमारी टीम द्वारा जिम्मेदार अधिकारी से संपर्क किया गया पर संपर्क नहीं हो पाया।

अब इस बिगड़ी मेडिकल कालेज की अव्यवस्थाओं में कोई सुधार आयेगा क्या जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस बिगड़ी अवस्थाओं पर कोई एक्शन लिया जाएगा या शासकीय मेडिकल भी सरकारी अस्पताल की राह पर चलने लगेगा अब यह तो समय ही बताएगा……?

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