
लोकतंत्र टाइम्स –आंकड़ों के अनुसार, नजफगढ़ जोन में डेंगू के सबसे अधिक 613 मामले दर्ज किए गए, जबकि सिटी एसपी जोन में मलेरिया के सबसे अधिक 95 मामले सामने आए।वहीं, अक्टूबर माह के लिए डेंगू के 2023 में 2,003 मामले, 2022 में 1,238, 2021 में 1,196 और 2020 में 346 मामले रिकॉर्ड
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो नवंबर में भी डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बना रहेगा। आमतौर पर तापमान में गिरावट के साथ इन बीमारियों में कमी आती है, लेकिन इस साल अक्टूबर में ही डेंगू के मामलों में पिछले चार सालों का रिकॉर्ड टूट चुका है। अकेले अक्टूबर में 2400 नए मामले सामने आए, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है।
नगर निगम ने इस साल 21 लाख से अधिक बार घरों में मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग करवाई है, साथ ही 3 करोड़ से अधिक बार घरों में जाकर मच्छरों की उत्पत्ति की जांच की है। 1.5 लाख से अधिक लोगों को कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 52,250 लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है।
मच्छरों की उत्पत्ति के लिए तापमान एक महत्वपूर्ण कारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू का मच्छर 15 से 31 डिग्री सेल्सियस के तापमान में पनपता है, जो कि फिलहाल 25-30 डिग्री के बीच है, इसलिए मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। महामारी विशेषज्ञ डॉ. पीके शर्मा का कहना है कि लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। वे सलाह देते हैं कि सभी लोग फुल आस्तीन के कपड़े पहनें और अपने घर व आस-पास साफ-सफाई बनाए रखें ताकि मच्छरों के काटने से बचा जा सके।
