उत्तरप्रदेश/इटावा– सर्राफा कारोबारी द्वारा दिल दहला देने वाली घटना को दिया अंजाम।

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सर्राफा कारोबारी द्वारा अपनी पत्नी और 3 मासूम बच्चों को उतारा मौत के घाट।

लोकतंत्र टाईम्स,उत्तरप्रदेश, के इटावा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जिसमें एक सर्राफा कारोबारी द्वारा घटना को अंजाम दिया गया घटना में अपनी पत्नी समेत 3 बच्चों को मौत के घाट उतार दिया व घर का दरवाजा बंद कर खुद कारोबारी भी ट्रेन के आगे लेटने को रेलवे स्टेशन चला गया और यह सारी घटना घटने के लगभग 16 घंटे बीत जाने के बाद डायल 112 पर फोन करके कहा गया मेरा परिवार पूरा खत्म हो गया है और में भी ट्रेन के नीचे लेटकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने जा रहा हु मेरा सबकुछ खत्म हो गया है।

इस खौफनाक घटना को अंजाम देकर सराफा कारोबारी द्वारा मोबाइल में व्हाट्सएप पर पत्नी और बच्चे का स्टेटस भी लगाया गया और लिखा गया कि यह सब लोग खत्म हो गए और अपना मोबाइल स्विच ऑफ करके रेलवे स्टेशन पर पटरी के बीच जाकर लेट गया थोड़ी देर बाद पटरी पर मरुधर एक्सप्रेस ट्रेन आई पर कारोबारी पटरी के बीच में होने के कारण कारोबारी को हल्की खरोच आई ।

उधर सूचना मिलते ही RPF जवान मौके पर पहुंचे और कारोबारी को ढूंढ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया व सख़्ती से पूछताछ करने पर कारोबारी द्वारा पूरी घटना को अंजाम देना कबुल किया गया और जब परिचितों और मोहल्लों वालों ने स्टेटस देखा तो कारोबारी के घर पहुंचे तो दरवाजे पर ताला लगा मिला जब ताला तोड़ देखा गया तो कमरे में से पत्नी व 2 बच्चे के शव ओर दूसरी मंजिल पर छोटी बेटी का शव मिला।

प्रारंभिक जांच में पाया गया था कि यह घटना पारिवारिक विवाद के चलते कारोबारी ने पत्नी और बच्चों की हत्या की क्योंकि 6 दिन पहले भी एसी ही एक घटना सामने वाराणसी में आई थी उस घटना में भी कारोबारी और उसके परिवार की हत्या कर दी गई थी।

पढ़िए घटना से जुड़ा पूरा मामला–

इटावा गांव की इस घटना में सराफा कारोबारी का नाम मुकेश वर्मा है व मृतक पत्नी का नाम रेखा वर्मा उम्र 45 वर्ष बेटी भव्या उम्र 18 वर्ष छोटी बेटी काव्या उम्र 16 वर्ष व बेटा अभीष्ट उम्र 14 वर्ष सराफा कारोबारी मुंबई से सोने की ज्वेलरी की खरीदारी कर बेचता था व महीने में 8 से 10 दिन घर से बाहर ही रहता था। मुकेश वर्मा की 2 शादी हुई थी जिसमें पहली पत्नी की शादी के 2 वर्ष बाद ही मौत हो गई थी पहली पत्नी से भव्या व दूसरी पत्नी रेखा से काव्या और अभीष्ट हुआ था मुकेश ने खुद पुलिस को इस पूरी घटना की जानकारी दी थी कि पत्नी और बच्चों ने सुसाइड कर लिया है व मोबाइल पर स्टेटस लगाकर मोबाइल बंद कर लिया जब पड़ोसियों द्वारा स्टेटस देखा गया तो कारोबारी के घर पहुंचे तो ताला लगा मिला उसके बाद सारी घटना की जानकारी कारोबारी के भाई रक्तनेश को दी गई तो कुछ देर बाद जब भाई रत्नेश पहुंचे तो घर का ताला तोड़कर देखा गया तो पाया कि पत्नी रेखा ओर 2 बच्चे के शव पहली मंजिल पर बेड पर पड़े हुए है और दूसरी मंजिल पर छोटी बेटी का शव पड़ा हुआ है कुछ देर बाद कोतवाली पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच गई व जांच प्रारम्भ की।

भाई रत्नेश द्वारा बताया गया कि शाम 6 बजे मेरे पास भाई मुकेश का फोन आया था पर में मेरी पत्नी के साथ मंदिर में पूजा कर रहा था तो मैने भाई मुकेश को बोला कि थोड़ी देर बाद पूजा से फ्री होकर फोन करता हु उसके बाद रिश्तेदार और पड़ोसियों के भी फोन लगातार आ रहे थे पर पूजा में होने के कारण में अटेंड नहीं कर पाया जब फ्री होकर फोन लगाया तो पाया कि एसी घटना घट चुकी है।

वहीं मुकेश के छोटे भाई द्वारा बताया गया कि हम लोग काम में व्यस्थ थे जब बेटी के फोन पर स्टेटस देखा तो मालूम पड़ा कि इसी घटना घट चुकी है जबकि घर में कोई पारिवारिक विवाद जैसी स्थिति नहीं थी और सुबह ही घर पर सब दिखे भी थे उसके बाद ताला लगा दिखा तो हमने सोचा कही बाहर गए हुए होंगे।

मृतक रेखा के भाई सत्येन्द्र का यह कहना हे कि जमीन जायदाद के चलते सभी की हत्या की गई है और मुकेश वर्मा शराब भी पिता था और घर में किसी भी प्रकार का कोई विवाद नहीं सुना था पर फिर भी यह सब कैसे हो गया है।

आरोपी मुकेश वर्मा का कहना है कि मुझको इन सबकी हत्या का पछतावा नहीं है क्योंकि हमने सभी ने मिलकर यह सुसाइड का प्लान बनाया था पहले करवा चौथ पर सुसाइड का प्लान था पर पत्नी रेखा के मना करने पर प्लान कैंसल किया गया लेकिन सोमवार को फिर प्लान बनाया गया ओर। सुबह 4 बजे मेरी पत्नी रेखा ने फांसी लगाने की कोशिश की पर हमसे फंदा नहीं लग पा रहा था फिर मुझको पत्नी रेखा द्वारा कहा गया कि खुद जो करना हे कर लो हमको नींद की गोलियां दे दो उसके बाद मैने खुद ने रस्सी से अपनी पत्नी का गला घोट हत्या की ओर उसके बाद बच्चों को भी नींद की गोलियां देकर उनकी भी गला घोंटकर हत्या कर दी इसके बाद में खुद मरने गया ओर स्टेशन पर पटरी के बीच जाकर लेटा पर फिर भी 10 डब्बे ऊपर से गुजर गए और में बच गया लेकिन में मरा नहीं और बच गया हु। लेकिन मुझको इन सबकी हत्या का कोई पछतावा नहीं है।

वहीं आरोपी ने इस पूरी घटना के पीछे पारिवारिक ताने और व्यापार में घाटा होने के कारण व आर्थिक तंगी के कारण परिवार के लोग आए दिन ताने मारते थे जिस वजह से काफी परेशान रहता था इसलिए इस पूरी घटना को अंजाम दिया व सुसाइड करने का सामूहिक प्लान बनाया।

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