अभिभाषक संघ के सदस्य मुकाईद आलम पिता शादाब फारूकी हैं जिनका राज्य अधिवक्ता परिषद में नामांकन कमांक 2690/2020 है।

लोकतंत्र टाईम्स, नागदा अभिभाषक संघ के सदस्य मुकाईद आलम पिता शादाब फारूकी को भूमाफिया मेहबूब चौधरी के लगातार परेशान करने पर नागदा अभिभाषक संघ ने मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक उज्जैन, राज्य अधिवक्ता परिषद अध्यक्ष जबलपुर, जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष उज्जैन को ज्ञापन देकर इस पूरे मामले से अवगत कराया गया। व अभिभाषक संघ ने उन्हेल टी आई की कार्यप्रणाली पर आरोप लगाते हुए उच्च स्तर की मांग की गई है साथ ही ज्ञापन देने के बाद 7 दिन का समय दिया गया है अगर अभिभाषक संघ की मांग को नहीं माना गया तो अभिभाषक संघ द्वारा प्रदर्शनकारी आंदोलन किया जाएगा जिसका उत्तरदायित्व शासन प्रशासन रहेगा।।

यह पूरा मामला–:।
अभिभाषक संघ के सदस्य मुकाईदआलम के परिवारजन की कृषि भूमि जो कि कस्बा उन्हेल में है इस कृषि भूमि को लेकर भू-माफिया मेहबूब चौधरी पिता करीम चौधरी निवासी उन्हेल लगातार उनको परेशान कर रहा था, जिसको लेकर अभिभाषक मुकाईद आलम के परिवारजन ने दिनांक 13/07/2024 को लिखित शिकायत आवेदन पत्र उन्हेल टी आई को दिया था जिस पर उन्हेल पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।यह पूरा विवाद रास्ता को लेकर था पूर्व में न्यायालय तहसीलदार उन्हेल के न्यायालय में प्रकरण कमांक 0033/बी-121/2024-25 को यह आदेश पारित हुआ था कि कृषि भूमि में से रास्ता नहीं होना पाया गया किन्तु दबाव व सांठ-गांठ के चलते पुनः इसी न्यायालय में एक प्रकरण कमांक-15/अ-13/2024-25 पुनः सुनवाई की और कृषि भूमि में से रास्ता बताया गया। इस तरह एक ही न्यायालय के अंदर एक ही प्रकरण को नियम विपरीत जाकर रास्ता बताया गया और प्रकरण की प्रतिदिन सुनवाई की गई और आदेश पारित किया गया।

अभिभाषक संघ ने ज्ञापन के माध्यम से की मांग–:
1,) थाने पर यदि कोई आम व्यक्ति जाता है तो पुलिस उस व्यक्ति की सीधे एफ.आई.आर. (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज ना कर उससे आवेदन लेकर जांच करती है और यदि कोई व्यक्ति थाने पर किसी अभिभाषक के विरूद्ध शिकायत लेकर जाता है तो किसी जांच के सीधे एफ.आई.आर. दर्ज कर लेती है इस तरह पुलिस की कार्यप्रणाली से अभिभाषको में काफी असंतोष है।
2,) मुख्यमंत्री के गृह जिले में इस तरह अभिभाषको के विरूद्ध असत्य आधारों पर दबाव व प्रभाव में झूठे मुकदमे दर्ज होने से अभिभाषको में असंतोष पनप रहा है जिससे कहीं ना कहीं पुलिस की कार्यप्रणाली प्रदेश में मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है।
3,) पूर्व में भी नागदा अभिभाषक संघ के दो सदस्यो के विरूद्ध पुलिस ने बिना जांच किये अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर चुकी है जिसकी भी अभिभाषक संघ नागदा निन्दा करता है।
4,) वर्तमान में थानो पर भू-माफियाओ का प्रभाव बढ़ता जा रहा है और पुलिस भू-माफियाओ के दबाव में नियम विपरीत जाकर असत्य आधारों पर अपराध पंजीबद्ध कर रही है जिस पर भी रोक लगाया जाना आवश्यक है साथ ही ऐसे पुलिस अधिकारी जो भू-माफियाओ के प्रभाव में कार्य कर रहे है और झूठे मुकदमे दर्ज कर रहे है उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्यवाही होना आवश्यक है।
5,) नागदा अभिभाषक संघ ज्ञापन के माध्यम से मांग करता है कि थाना प्रभारी उन्हेल की कार्यप्रणाली को लेकर उच्च स्तर की जांच होना जरूरी आवश्यक है और दोषी पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही होना आवश्यक है साथ ही जो असत्य आधारों पर अभिभाषक मुकाईद आलम के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है वह निरस्त किया जावें।
6,) यदि शासन प्रशासन स्तर पर उक्त आवेदन पत्र पर 7 दिवस की अवधि में थाना प्रभारी उन्हेल के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की जाती है तो नागदा अभिभाषक संघ द्वारा जो भी आंदोलनात्मक कदम उठाये जायेगे उसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
