
लोकतंत्र टाईम्स, मध्यप्रदेश,(मनोज जैन नायक) प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी हरियाली अमावस्या पर्व 24 जुलाई को हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाएगा। यू तो हर महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या आती है लेकिन हरियाली अमावस्या की बात ही विशेष है। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने बताया कि इस बार की हरियाली अमावस्या विशेष योग के साथ आने से विशेष फल देगी।अमावस्या तिथि 23 जुलाई बुधवार को रात्रि 02:28 बजे प्रारंभ होगी और 24 जुलाई गुरुवार की रात्रि 12:40 बजे समाप्त होगी।
इस वर्ष अमावस्या के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धि योग एवं शाम 04:43 बजे से गुरुपुष्यमृत योग रहेगा।
इन सब योगों के एक साथ होने से यह तिथि खास तिथि बनेगी। इसमें अपने पूर्वजों की याद में एक पौधा रोपड़ अवश्य करे तो पितृ दोष, कालसर्प दोष, शनि की साढ़े साती दशा के अशुभ प्रभाव से छुटकारा मिल सकता है। डॉ. जैन ने कहा कि उत्तर भारत में श्रावण माह कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के रूप में बनाई जाती है। जो इस बार 24 जुलाई गुरुवार को मनाई जाएगी।

हरियाली अमावस्या को अत्यंत शुभ माना जाता है।
उत्तर भारत के विभिन्न मंदिरों में खासतौर से मथुरा एवं वृदांवन में इस अवसर पर विशेष दर्शन का आयोजन किया जाता है। कृष्ण जी के इस दिन दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस दिन द्वारिकाधीश और बांकेबिहारी मंदिरों के अलावा शिव मंदिरों में भी भक्तों की खासी भीड़ रहती है। इस दिन लोग प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और अपने पित्रों की याद में पेड़ पौधे लगाते हैं। हरियाली अमावस्या पितरों को समर्पित है इसलिए इस दिन पितरों के नाम पर दान और तर्पण का विशेष महत्व है।
