सरपंच ने चबूतरा बनाये बिना ही हड़प ली राशि गाँव वासियों ने दिया जनसुनवाई में आवेदन

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लोकतंत्र टाईम्स,थांदला, भ्रष्टाचार की जड़े शहरों से लेकर गाँव तक मजबूती से फैलने लगी है जिनमें प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से भी इंकार नही किया जा सकता है परन्तु कभी ऐसा भी होता है कि मामला इतनी सफाई से निपटाया जाता है कि शहरों में ऐसी रूम में बैठे अधिकारियों को इसकी भनक तक नही लगती बशर्तें कोई जागरूक इसके लिए आवाज न उठाये। ताजा मामला झाबुआ ज़िलें के थांदला विकासखंड का है जहाँ के गाँव भेरूगढ़ में सरपंच व मंत्री की मिलीभगत ने भ्रष्टाचार का बड़ा खेल कर दिया है।

गाँव के रहवासी भूरसिंह कटारा, बापूसिंह, रमेश, जवरसिंह, शैतान, गोरधन, बबलू चारेल, दुबे सिंग, सूरज आदि ने झाबुआ जिला कलेक्टर के नाम जनसुनवाई में आवेदन देकर इस सनसनीखेज भ्रष्टाचार का खुलासा कर उच्च कार्यवाही की मांग की है। जनसुनवाई में दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने गाँव के सरपंच मोलकी बाई व उनके पति नाथू कटारा व पंचायत सचिव दलसिंह भूरिया पर चबूतरे की राशि हड़पने का आरोप लगाया है। कटारा व ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच पति ने अपनी पत्नी सरपंच के पद का दुरुपयोग करते हुए दिनांक 26 फरवरी 2024 को ग्राम सभा में प्रस्तावित बड़ी रामगढ़ में जूझार मंदिर के पास एक सार्वजनिक चबूतरे की स्वीकृति ली थी लेकिन आज दिनांक तक चबूतरा नही बनाया गया है वही इस चबूतरे के नाम पर दिनांक 6 मई व 10 फरवरी 2025 में माही कंट्रक्शन बामनिया के नाम से फर्जी जीएसटी वालें 4 अलग-अलग बील लगाकर 2 लाख रुपये की राशि डकार ली है।

कटारा ने कहा कि ऐसे सरपंचों के कारण ही गाँव का विकास नही हो पा रहा है यदि सूक्ष्मता से जाँच की जाए तो अन्य भ्रष्टाचार भी उजागर हो सकते है। ग्रमीणों ने जिला कलेक्टर से मौका मुआयना करते हुए भ्रष्ट सरपंच व सचिव को उनके पद से हटाने की बात कही है वही सरपंच पति पर भी उचित कार्यवाही की मांग की है। जिससे अन्य स्थानों पर भी कोई सरपंच इस प्रकार के भ्रष्टाचार नही कर सकेगा। इस विषय पर जब मंत्री/सचिव दलसिंह भूरिया से बात की तो उसने कहा कि सरपंच जानें मैं कुछ नहीं कर सकता हूँ। वही सरपंच पति ने इस बात से पल्ला झाड़ते हुए कहा चबूतरा नही बनेगा तुम्हे जो करना हो कर लो।

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