माननीय न्यायालय ने नाराजी जाहिर की, तीन सप्ताह में जवाब दे,सलीम बागवान की पिटीशन,नलों के पानी में सिवरेज की गंदगी।
लोकतंत्र टाईम्स,रतलाम,पेयजल में सिवरेज की गंदगी के मामले पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नगर निगम द्वारा जवाब नहीं देने पर नाराजी जाहिर की। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं नगर निगम द्वारा जवाब के लिए समय मांगने पर न्यायालय ने 3 सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया। प्रकरण में अगली सुनवाई 12 दिसंबर 2025 को होगी। सलीम मोहम्मद बागवान की पिटीशन पर सुनवाई के दौरान माननीय एनजीटी ने बागवान द्वारा लगाए गए अंतरिम आवेदन पर नगर निगम को जवाब देने के निर्देश दिए थे।
बागवान ने अपने आवेदन मे उल्लेख किया था कि पूर्व के शपथ पत्र के अनुसार नगर निगम ने जहां गंदा पानी आ रहा था उस पाइप लाइन को नहीं बदला तथा आदेश के अनुसार जिन जिन घरों में गंदा पानी आ रहा था वहां के पानी का समय-समय पर परीक्षण नहीं करवाया। आज भी शहर के सैकड़ो मोहल्ले में गंदा पानी आ रहा है। सलीम बागवान की ओर से अधिवक्ता प्रभात यादव ने पीठ के समक्ष यह मुद्दा उठाया। रतलाम में जगह-जगह पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हैं, जिसके करण सिवरेज का गंदा पानी पेयजल पाइपलाइन में मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण लाखों गैलन पीने का पानी प्रदूषित होकर नागरिकों पर, पानी के उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। जिससे बीमारियों तेजी से फैल रही है। सुनवाई के दौरान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (state pcb) की ओर से अधिवक्ता प्राजंल पांडे, राज्य शासन की ओर से अधिवक्ता प्रशांत एम हरने तथा नगर निगम की ओर से अधिवक्ता अविनाश सक्सेना उपस्थित हुए। पीठ में माननीय न्यायिक सदस्य शिवकुमार सिंह तथा माननीय विशेषज्ञ सदस्य श्री सुधीर कुमार चतुर्वेदी शामिल रहे।
सुनवाई के दौरान पीठ ने विषय को अत्यंत गंभीर पर्यावरणीय एवं जन स्वास्थ्य से जुड़ा मामला मानते हुए कहा कि पेयजल में सिवरेज की गंदगी का मिलना नागरिक के जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। माननीय पीठ ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल एवं रतलाम नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट एवं उत्तर दाखिल करने के लिए 3 सप्ताह का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर 2025 को होगी ।
