नागदा के युवाओं के द्वारा संचालित गौशाला को मिला चूका है सर्वश्रेष्ठ गौशाला का पुरूस्कार

लोकतंत्र टाईम्स नागदा, कर्नाटक के राज्यपाल डॉ थावरचंद गहलोत ने मंगलवार की शाम नागदा के युवाओं द्वारा हातोद के लोटस वेली समीप स्थित गिर गायों की जैविक गौशाला का अवलोकन किया| गेहलोत ने गौशाला की सभी व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा एवं इसे एक अद्भुत गौशाला बताया | गौशाला नागदा के तीन युवाओ, जिनमे एक पेशे से इंजिनियर पंकज मारू,एक एम् बी ए (विदेश व्यवसाय)अंकित जैन और चार्टर्ड अकाउंटेंट बलराज सिंह चौहान द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की जा रही है | गौशाला संचालक पंकज मारू ने बताया कि गिर गायों की इस गौशाला को 2014 में प्रारंभ किया था जो लगभग ४ लाख वर्ग फीट में फेली है एवं इसमें 150 गिर गाय एवं उनके बछड़े है | इन गायों में सूर्य केतु नाडी होती है जो सूर्य की किरणों से प्रतिक्रिया कर स्वर्ण भस्म पैदा करती है जो इनके दूध का एक महत्वपूर्ण तत्व होता है | अत्यधिक कम फेट का दूध होने एवं इसमें ए 2 प्रोटीन होने से यह अत्यधिक पौष्टिक होता है |
गायों को भारतीय पद्धति से दिए जाने वाले आहार जिसमे विभिन्न जडी बूटियाँ भी होती है को भी वहीँ जैविक पद्धति से पैदा किया जाता है | गौशाला की सभी गायों को उनके नाम से संबोधित करने पर वो आगे आती है तथा उनके बच्चे भी इसी का पालन करते है | गायों को वहां बांधने की जगह चारों और खुला घुमने दिया जाता है | बकौल अंकित अगर गायों को बाँध कर रखा जाता है तो हार्मोनल चेंजेस के कारण उसके दूध की पौष्टिकता कम होती है | गायो के गोबर से गोबर खाद एवं गो मूत्र से जीवामृत तैयार कर उसे खेतो में पशु आहार तथा चारे के उत्पादन हेतु उपयोग किया जाता है | खेती की जमीन को भी जैविक भूमि का प्रमाण पत्र मिला है |
गौशाला में बिनोला पद्धति से बना घी जिसे एक लीटर बनाने में लगभग 28 लीटर दूध लगता है तथा जिसकी अत्यधिक मेडिसिनल वैल्यू होती है , देश के साथ साथ विदेशों में भी भेजा जाता है | गौशाला में गोबर गेस संयत्र भी स्थापित है | वर्ष 2023 में इसे इंदौर जिले की सर्वश्रेष्ठ गौशाला का पुरूस्कार से भी सम्मानित किया जा चूका है | गेहलोत की यात्रा के इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी अजय शुक्ला , तहसीलदार, प्रशासनिक अधिकारीगण एवं ग्रामीण जन उपस्तिथ थे |
