
लोकतंत्र टाईम्स नागदा– नगर के प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य स्व. पंडित मदन लाल शर्मा (मेहता) के ज्येष्ठ पुत्र पंडित रमेश चंद्र मेहता का 83 वर्ष की आयु में 30 नवंबर, शनिवार को अलसुबह देवलोकगमन हो गया। पंडित रमेश चंद्र मेहता के पिता कई दशक पूर्व पैतृक गांव ढोढर से नागदा आए थे, पिता पंडित मदनलाल शर्मा ने नागदा आकर ज्योतिष एवं कर्मकांड, धार्मिक अनुष्ठान के क्षेत्र में ख्याति अर्जित की। मिलनसार व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय रमेशचंद्र मेहता ने अपने जीवनकाल में संघर्षरत रहते हुए, कई उपलब्धियां प्राप्त की।
(शासकीय सेवा) – कोऑपरेटिव सोसाइटी में शासकीय सेवा के चलते मध्य प्रदेश शासन की तीन बार पदोन्नति ली तथा ऑडिटर, रजिस्ट्रार पद पर रहते हुए देवास, उज्जैन, नागदा, ताल, आलौट, रतलाम, जगदलपुर, खातेगाँव, हाटपिपलिया, बागली आदि कई शहरों में अपनी सेवाएँ दी। शासकीय सेवा के दौरान विभिन्न स्थान पर सेवाकाल के दौरान स्थानीय लोगों से अच्छा तालमेल व स्नेहपूर्ण व्यवहार के कारण वे सभी के चहेते रहे। कार्यकाल ईमानदारी के साथ पूर्ण करते हुए सन 2004 में सेवा निवृत हुए।
(पारिवारिक) – विगत 40 से अधिक वर्षो से पंडित रमेश चंद्र मेहता का निवास स्थान महात्मा गांधी मार्ग रहा, इसके अतिरिक्त सेठी नगर उज्जैन में भी निवास हेतु विशाल भवन के स्वामी थे। स्व. रमेश जी के छह पुत्र – पुत्रियाँ है, जिसमे 4 विवाहित पुत्रियां तथा पुत्र नीलेश मेहता (नागदा, पत्रकार एवं ज्योतिष कार्य), देवेश मेहता (मुम्बई जॉबरत) है। सम्पूर्ण परिवार एवं स्वर्गीय माता-पिता के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए, उन्होंने सफल, स्वस्थ एवं संतोषप्रद जीवन यापन किया। उन्होंने सभी पुत्र, पुत्रियों को आत्मनिर्भर बनाया। आज वे हमारे बीच नहीं है, परंतु, उनका जीवन, उनके विचार और शिक्षा परिवार एवं समाज का सदैव मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे।
(सामाजिक)- सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण समाज नागदा की कार्यकारिणी में सचिव पद पर रहते हुए, समाज की धर्मशाला के लिए भूमि खरीदने एवं धर्मशाला की आधारशिला रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। (समाज सेवाकार्य के लिए 22,000 राशि दान स्वरूप भेंट की) – 12 दिसंबर को जवाहर मार्ग स्थित अग्रसेन धर्मशाला में आयोजित शोक निवारण कार्यक्रम में उनकी आत्मशांति के लिए मेहता परिवार द्वारा लगभग 22,000 रुपए की राशि दान स्वरूप विभिन्न सेवा कार्य हेतु भेंट की गई।
जिसमे सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण समाज धर्मशाला गोविंद माधव ट्रस्ट नागदा में 11,000, औदीच्य महामालव चिंतामन धर्मशाला उज्जैन में 2100, सहस्त्र औदीच्य समाज धर्मशाला रतलाम में 2100, राधा कृष्णा गौ सेवा संस्थान गौशाला में 1100, अन्नक्षेत्र में दरिद्र नारायण के भोजन हेतु 2100, औदीच्य समाज समाचार पत्र देवास 1000, गोविंद माधव संदेश रतलाम 1000, औदीच्य बंधु इंदौर पत्रिका प्रारम्भ हेतु 2500 राशि समर्पित की। परिवार एवं समाज को अपनी धरोहर समझने वाले ऐसी पुण्य आत्मा को शत-शत नमन…आप सदैव जीवंत रहेंगे हमारे पुण्य स्मृतियों में…।।
